ये डॉक्टर नहीं हत्यारा है? अपने प्राइवेट हॉस्पिटल में कर रहा था कोरोना मरीज़ का इलाज, मौत
ये मौत नहीं, हत्या है...
डॉक्टर भगवान का रूप होता है। लेकिन जब कोई डॉक्टर अपने फर्ज़ को भूलकर अपने निजी फाएदे के लिए नियमों को ताख में रख दे तो उसको भगवान का रूप कहना सरासर गलत होगा।
अब हम आते है डायरेक्ट प्वांइट पे...मुरादाबाद में एक डॉक्टर है, नाम है जनाब का सीपी सिंह. आप शहर के नामी डॉक्टर थे. "थे" इसलिए क्योंकि समाज की नज़र में अब ये नामी नहीं बल्कि एक गैर-ज़िम्मेदार आदमी है. डॉक्टर सीपी सिंह अपना निजी अस्पताल शहर के हरपालनगर में चलाते है. इनके अस्पताल मे नौकरी करने वाली नर्स को कोरोना हुआ. डॉक्टर साहब को इसकी जानकारी हुई तो जनाब ने प्रशासन को इत्तला किए बिना अपने ही अस्पताल मे कई दिन तक कोरोना मरीज़ का इलाज किया. जब मरीज़ की हालत काबू में नहीं आई तो टी एम यू अस्पताल रेफर कर दिया. वहाँ खुलासा हुआ कि जिनका ये डॉक्टर इलाज कर रहे थे वो तो कोरोना पॉजिटिव है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इनके अस्पताल में कई नॉर्मल मरीज़ भी भर्ती थे. मगर इस गैर-ज़िम्मेदार डॉक्टर ने कई बेगुनाह जानों को दाओ पे लगा दिया. स्वास्थ विभाग ने एक दर्जन से अधिक को क्वारांटाइन कराया. तो डॉक्टर सी पी सिंह भी होम क्वारंटाइन गए.
जब ज़िला प्रशासन को खबर मिली कि डॉक्टर सीपी सिंह के अस्पताल मे कोरोना मरीज़ का इलाज चल रहा है तब ज़िला प्रशासन के हाथ-पांव फूले और आनन-फानन में मरीज़ को क्वारांटाइन किया गया। पॉजिटिव निकलें मरीज के सम्पर्क में तीमारदार,नर्सिंग होम का स्टाफ व अन्य लोग मेडिकल स्टोर,प्रोविजन स्टोर व अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के रहे.
जिस मरीज़ की ज़िन्दगी से ये डॉक्टर खिलवाड़ कर रहे थे वो कोई गैर नहीं बल्कि इनके अस्पताल की नर्स थी नाम था शीला वर्मा. फिलहाल आज शीला वर्मा की कोरोना के चलते मौत हो गई है।
अब पूरे क्षेत्र में इस गंभीर लापरवाही को लेकर लोगों में देहशत और गुस्सा है. शीला वर्मा की मौत से गोविंद नागर से लेकर गांधी नगर क्षेत्र तक कोहराम है.
कुछ सवाल:
डॉक्टर सीपी सिंह ने किस आधार पर शीला वर्मा का इलाज अपने हॉस्पिटल में किया?
अगर शीला वर्मा एक्सपर्ट्स की निगरानी में होती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी.
डायरेक्ट प्वांइट अखबार डॉक्टर सीपी सिंह की प्रैक्टिस लाईसेन्स रद्द करने की हम मांग करता हैं। और इस कातिल डॉक्टर का हॉस्पिटल सील करने की प्रशासन से मांग करता है। डॉक्टर सीपी सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।