केलों पर पेशाब छिड़कने वाले वायरल वीडियो का सच
मुरादाबाद शहर के भी कुछ सम्मानित लोग है जो इस वायरल वीडियो का सहारा लेकर लोगों में मुसलमान समुदाय के प्रति नफरत फैलाने का काम कर रहे थे। डायरेक्ट प्वांइट अखबार प्रशासन से विनती है की ऐसे ऐसी मुश्किल घड़ी में जब हम सभी को कदम से कदम मिलाकर चलना है वहीं कुछ लोगों द्वारा नफरत परोसने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कुछ शरारती तत्व ये कहकर अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, कि गरीब बुज़ुर्ग आदमी कुर्ता-पाजामा पहने केलो के ऊपर पेशाब छिड़क रहा है. लेकिन ऐसा नहीं है, जब *डायरेक्ट प्वांइट अखबार* ने मामले की तह तक जाकर तहकीकात की और इस वायरल वीडियो का सच जाने की कोशिश की तो तस्वीर कुछ और ही निकली. दरअसल ये वायरल वीडियो यूपी के बिजनौर का है। कल हमारे संवादाता शादाब क़ुरैशी ने सी ओ बिजनौर से इस मामले पर वार्ता की तो सी ओ बिजनौर का साफ कहना था की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आज इस वीडियो की जांच पड़ताल के बाद बिजनौर पुलिस का साफ कहना है की बोतल में पैशाब भर कर छीडाकने वाली बात गलत है।
दरअसल बुज़ुर्ग केला बेचने वाले शख्स के पास जो बोतल है उससे वो इस्तन्जा (पेशाब करने के बाद उस जगह को पूरी तरह से साफ करना) करते हैं। गलती उस शख्स की इतनी है उन्होंने उस पानी से भरी बोतल को अपने ठेले पर रख दिया। आज बिजनौर पुलिस ने कहा- इस्तंजे के बाद पानी गंदा हो गया था और उस पानी को केलों पर छिड़कने के लिए मुकदमा दर्ज किया जाता है आप पर चाचा: बिजनौर पुलिस
लेकिन बिजनौर पुलिस ने साफ साफ कहा है की मूत्र छिड़कने वालीं बात गलत है।
हिन्दू, मुसलमानो के बीच नफरत का फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा मारती ये FIR
लेकिन कुछ शरारती तत्व ये कहकर अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे कि बुज़ुर्ग आदमी ने केलो के ऊपर पेशाब छिड़क रहा था। मुरादाबाद शहर के भी कुछ सम्मानित लोग है जो इस वायरल वीडियो का सहारा लेकर लोगों में मुसलमान समुदाय के प्रति नफरत फैलाने का काम कर रहे थे। डायरेक्ट प्वांइट अखबार का प्रशासन से विनती है की ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
अब्दुल्लाह फारूक़ और शादाब क़ुरैशी की रिपोर्ट
डायरेक्ट प्वांइट अखबार