वरिष्ट पत्रकार अब्दुल्लाह फारूक़ ने देश के मुसलमानों से एक अपील की है. राष्ट्रिय समाचार पत्र के सम्पादक ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश के मुसलमानों से कहा- "मैं एक मुस्लिम और देश का नागरिक होने के नाते ये मांग करता हूँ की जो पाँच एकड़ ज़मीन सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद बनाने के लिए देने की बात कही है , वहाँ युनिवर्सिटी या अस्पताल बनाया जाए...बच्चो को तालीम दी जाए, काबिल बनाया जाए या फिर गरीबों को फ़्री इलाज दिया जाए...पाँच वक़्त की नमाज़ तो हम अपने मोहल्ले/कॉलोनी की मस्जिद में भी पढ़ लेंगे...जुम्मे की नमाज़ के लिए हमारे शहरों में जामा-मस्जिद हैं और ईद की नमाज़ के लिए ईदगाह है...हज करने के लिए सऊदी अरब है...
मेरा मानना है अयोध्या में इतनी संख्या में मुसलमान नहीं हैं जो पांच एकड़ ज़मीन में बनीं मस्जिद को भर पाएंगे...बाकी शहरों से लोग वहाँ नमाज़ पढ़ने क्यों जाएंगे?? जब देश के हर गली, मोहल्ले,शहर में मस्जिद से लेकर जामा-मस्जिद और ईदगाह है...
बाबरी मस्जिद के नाम पर पाँच एकड़ जगह में एक सरकारी युनिवर्सिटी बनें या अस्पताल, जहां सभी धर्म और जाती को एक सामान समझा जाए...देश के मुसलमानों को एक नज़ीर पेश करनी चाहिए..."